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 वेन हील के नियम स्तर

चाक्षुषीकरण ( Visualization) Level 0  - छात्र भुजाओं या दिखावट के आधार पर वर्गीकरण कर लेते है 

विश्लेषण (Analysis) Level 1 - इसमें छात्र ज्यामितिक आकृतियों को गुणों के आधार पर पर्वित करते है तथा उनका चित्र भी बना लेते है

अनौपचारिक निगमन (Informal deduction) Level 2-  भाषाई आधार पर विभिन्न आकृतियों को परिभाषित कर लेना और सामानताएं बता देना परन्तु सिद्ध न कर पाना। प्रायः यह कौशल उच्च प्राथमिक स्तर पर विकसित होता है 

औपचारिक निगमन (Formal Deduction) Level 3- तर्कपूर्ण तरीके से बालक विभिन्न आकृतियों के परिभाषाओं का निर्माण स्वयं से कर लेता है। प्रमेय अप्रमेय बनाकर सिद्ध भी कर लेता है

प्रायः यह कौशल 10वीं स्तर पर विकसित होता है

Maths Pedagogy notes in hindi

गणितिय शब्दावली

तुलनात्मक जमा - जब एक की तुलना में दूसरे के पास वस्तु कम हो

तुलनात्मक घाटाा - जब ए के पास ब की तुलना में वस्तु कम हो

व्याकलित जमा - जब यह कहा जाए कि ए के पास ब से कितने वस्तु अधिक है 

व्याकलित घाटा - जब यह कहा जाए कि A के पास B से कितने वस्तु कम है

Maths Pedagogy Questions in hindi

समुच्चयन - इसका तात्पर्य वस्तुओं के संग्रह से है ।

संवर्द्धन - संपर्द्धन का अर्थ वृद्धि से है। जब A में X की वृद्धि हो जाए तो

रेखा गणित शिक्षण की श्रेष्ठ विधि कौनसी है?


गणित की प्रकृति एवं शिक्षण विधियां 

Nature of Mathematics and Teaching Method

गणित में सोच के प्रकार

Types of Thinking in Mathematics

अभिसाचि (Convergent)

  1. बंद अंत वाले प्रश्न (Close Ended Questions)
  2. ऐसे प्रश्नों का उत्तर सिर्फ एक प्रकार से दिया जाए
  3. ऐसे प्रश्न फैक्ट पर आधारित होते है
  4. ऐसे प्रश्न विचारों को रखने का अवसर नहीं देते

जैसे - 3 +7= 10

जैसे - सबसे छोटी पूर्ण संख्या है - 0

अपसारी Divergent

  1. मुक्त या खुला अन्त वाला प्रश्न Open Ended Questions
  2. ऐसे प्रश्नों का उत्तर एक से अधिक प्रकार से दिया जा सकता है
  3. ऐसे प्रश्न आइडिया पर आधारित होते है
  4. इसमें विचारों की प्रधानता होती है

जैसे - कोई दो संख्याएं लिखिए जिसका योग 10 हो

(1+9), (2+8) .........

प्राथमिकता स्तर पर गणित शिक्षण की सर्वोत्तम विधि कौन सी और क्यों समझाएं

गणित शिक्षण को प्रभावित करने वाले कारक

  1. अध्यापक से सम्बन्धित कारक
  2. विषय के ज्ञान का छिछलापन
  3. अध्यापक का पक्षपात व्यवहार
  4. अध्यापक का कक्षा-कक्ष में सख्त होना
  5. अध्यापक की सम्प्रेषण क्षमता 

छात्र से संम्बधित कारक-

  1.  सभी शिक्षण विधियों का मुख्य आधार बालक होते है।
  2. छात्रों की मानसिक योग्यता स्तर उनका रूचि और सीखने जानने की उत्सुकता

विषय वस्तु से सम्बधित कारक - 

  1. यह सम्प्रेषण का मुख्य आधार होता है
  2. विषय वस्तु क्रिया केन्द्रति होनी चाहिए
  3. विषय वस्तु करके सीखने के सिंद्धांत पर
  4. विषय वस्तु अनुभव के द्धारा सीखना


गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य

  1. 2005 के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं के सोच का गणितीकरण करना।

प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण का उद्देश्य

  1. संख्या सबधी कौशल का विकास
  2. मूर्त से अमूर्त धारणा का विकास

माध्यमिक स्तर पर अंक गणित शिक्षण विधि है

उच्च स्तर पर गणित शिक्षण का उद्देश्य

  1. अमूर्त से मूर्त का विकास
  2. विश्लेषण योग्यता को प्रेरित करना
  3. परिकलन सम्बंन्धी कौशल का दक्षता।

गणित शिक्षण का महत्व

  • प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण  का महत्व मानसिक होता है
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण का महत्व व्यावहारिक होता है

गणित की प्रकृति

  • गणित की प्रकृति सरल एवं अन्य विद्यालयी पाठ्यक्रम की अपेक्षा सुदृढ होती है
  • गणित की प्रकृति याथार्थ क्रमबंद्ध एवं तार्किक (logical) होती है
  • गणित की लम्बी आकृति का मतलब एक सिद्धांत पर दूसरें सिद्वांत बनाना
गणित

  1. गणित गणनाओं का विज्ञान है
  2. गणित संख्या व स्थान का विज्ञान है
  3. गणित तार्किक विचारों का विज्ञान है
  4. गणित आगानात्मक एवं प्रयोगनात्मक विज्ञान है
  5. गणित मापन एवं और दिशा का विज्ञान है
  6. गणित अमूर्त का अमूर्त रूप है
लाॅक के अनुसार 
गणित वह माध्यम है जिसके द्वारा हम बच्चों के मन में तर्क करने की आदत को स्थापित करते हैं

गणित की भाषा

गणित स्वतः एक भाषा है जो कि विभिन्न चिन्हों और नियमों से चलती है

गणित भाषा के प्रमुख 5 कारक है

  1. पद ( Term)
  2. प्रत्यय (Concept)
  3. सूत्र (Formulae)
  4. सिद्धांत (Principle)
  5. चिन्ह(Symbol)

गणित की ज्ञानवर्जन के लिए हमें किसी भी अन्य भाषा की जरूरत नहीं होती है

गणित की प्रकृति

गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य

  1. प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण का उद्देश्य
  2. उच्च स्तर पर गणित शिक्षण का उद्देश्य
  3. गणित विषय को रुचिकर बनाना या उसके प्रति प्रेरित करना
  4. सकरात्मक दृष्टिकोण, प्रेरक कहानियां
  5. आत्मविश्वास की भावना का विकास
  6. मनोरंजन क्रियायों के माध्यम से शिक्षा।
  7. खेल तथा कहानियां

शिक्षण अधिगम सहायक समाग्री

अबेकस या गिनतारा - ऐबाकस एक गणितीय उपकरण है जिसका उपयोग गणना में, गिनती सिखानें, स्थापित मान और जोड़ने में होता है

जियोबोर्ड - इसका उपयोग द्धिविमिय आकृतियों को पहचानने में किया जाता है। इसमें कुल सात ज्यामिति आकृतियां होती है। इसमें बालक अपने कल्पना शक्ति का उपयोग करते है

ग्रिड पेपर- इसका प्रयोग दशमलव संख्याओं की त्रुटि विश्लेषण में होता है

गणित की मूलभूत संरचना

बीजगणितीय संरचना -इसके अन्तर्गत करते हैं।

तलरूप संरचना - इसके अंतर्गत हम समीपता या निकटता जैसी क्रियायों का आकलन करते है

 क्रमिक सरंचना - इसके अंतर्गत हम तुलना करना सीखतें है कौन छोटा है और कौन बड़ी

गणितीय खेल एवं पहेलियां

  • यह विद्यालयी पाठयक्रम का अनिवार्य हिस्सा है
  • यह मानसिक शक्ति से संबधित है
  • जो परिकलन में परिशुद्धता के साथ गणना में गति प्रदान करता है
  • गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा सृजनात्मकता को विकसित करने में इसका प्रयोग होता है

पैर्टन

पैर्टन का सबंध भी मानसिक गति से है

पैर्टन को गणित की रीढ़ भी कहा जाता है

यह विद्यार्थियों में सृजानात्मकता को बढ़ावा देता है


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